मेलूर दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
ओ. पी. रमन (DMK) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 58.8% वोट पाकर मेलूर दक्षिण सीट जीती और सी. करुथानन (NCO) को 16,876 वोटों से हराया।
1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 141 थिरुप्परनकुंड्रम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ओ. पी. रमन 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ओ. पी. रमन | 45,09058.8% | |
| 2 | सी. करुथानन | 28,21436.8% | |
| 3 | पी. पूसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5743.4% |
| 4 | एम. गांधी वीरन निर्दलीय | निर्दलीय | 8071.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK और NCO को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।