मामूली अंतर से सरकार बदली
क्या हुआ
सत्ता बदली, पर सिर्फ़ मामूली अंतर से।
नागालैंड पीपुल्स फ्रंट ने 60 सीटों में से 26 सीटें जीतीं।
इंडियन नेशनल कांग्रेस 23 सीटों के साथ ठीक पीछे रही।
फिर भी दूसरे स्थान पर रही पार्टी के (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) असल में थोड़ा ज़्यादा था: विजेता के 33.6% के मुक़ाबले 36.3%।
क्या बदला
सरकार तो बदली, पर मामूली अंतर से; यह कोई करारी हार नहीं थी।
पिछले चुनाव में एनपीएफ के पास सिर्फ़ 19 सीटें थीं; इस बार उसने 26 सीटें जीतीं।
सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस पूरी तरह ढहने के बजाय दूसरे स्थान पर रही।
7 सीटें सीधे कांग्रेस से एनपीएफ के पास गईं।
अहम आँकड़े
इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ी टक्कर त्सेमिन्यू, नागालैंड में हुई, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 66 वोटों से हुआ।
दूसरी ओर, उत्तरी अंगामी-II, नागालैंड में विजेता ने दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को 65.1% वोटों के अंतर से हराया। यह इस चुनाव का सबसे बड़ा (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था, जिसे वोटों की गिनती में नहीं, कुल वोटों के हिस्से के रूप में मापा गया है।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार थोनोकन्यू, नागालैंड में उतरे, बैलट पर 9 उम्मीदवार थे।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से घासपानी-I, नागालैंड राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 58,926 मतदाता थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में एक नई पार्टी भी पहली बार राज्य विधान सभा में पहुँची।
राकांपा ने पहली बार नागालैंड में एक सीट जीती।