निर्दलीयों का सदन
क्या हुआ
नागालैंड के पहले विधान सभा चुनाव में मतपत्र पर कोई राजनीतिक दल नहीं था: हर उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में खड़ा था।
नागालैंड की नई विधान सभा की सभी 40 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 100.0% था।
यह 21 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 19 सीटें ज़्यादा था।
क्या बदला
यह नागालैंड का पहला विधान सभा चुनाव था, इसलिए तुलना के लिए कोई पिछला परिणाम नहीं था।
कई निर्वाचन क्षेत्रों में सिर्फ़ एक ही उम्मीदवार था: वह निर्विरोध चुना गया और सीट का फ़ैसला बिना मतदान के हो गया।
राज्य के 40 निर्वाचन क्षेत्रों में से 14 का फ़ैसला इसी तरह हुआ।
कुल मिलाकर उम्मीदवारों की संख्या कम ही रही: औसतन हर सीट पर 1.8 उम्मीदवार।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला मोकोकचुंग टाउन, नागालैंड में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 26 वोट रहा।
दूसरी ओर, आओंगलेंडेन, नागालैंड में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 76.2% वोटों से आगे रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) चिजामी, नागालैंड में रहा, 91.1%।
इस पहले चुनाव में राज्य भर में मतदान प्रतिशत 50.1% रहा।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव नागालैंड के पूर्ण राज्य बनने के बाद हुआ।