कांग्रेस की लगातार चौथी जीत
क्या हुआ
इंडियन नेशनल कांग्रेस फिर जीती और जीत का सिलसिला आगे बढ़ाया, हालाँकि उसकी अपनी सीटें पिछली बार से थोड़ी घटीं।
कांग्रेस ने कुल 60 सीटों में से 35 सीटें जीतीं।
अब वह लगातार 4 चुनाव जीत चुकी है।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी नागालैंड पीपुल्स काउंसिल 17 सीटों के साथ पीछे रही।
क्या बदला
कांग्रेस की जीत का सिलसिला जारी रहा, हालाँकि उसका अपना समर्थन और सीटें पहले से थोड़ी कम हुईं।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) बढ़कर 46.0% हो गया।
राज्य भर में (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) भी 90.9% के साथ राज्य के नए रिकॉर्ड पर पहुँचा।
यह तब हुआ जब पार्टी की अपनी सीटें 36 से घटकर 35 रह गईं।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला इम्पुर, नागालैंड में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 21 वोट रहा।
दूसरे छोर पर, प्रतिशत के हिसाब से इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर मोकोकचुंग टाउन, नागालैंड में रहा, 96.3%; यह उस साल के सबसे एकतरफ़ा परिणामों में से एक था।
तामलू, नागालैंड में किसी भी सीट से ज़्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज हुआ, 99.9%।
सबसे ज़्यादा मतदाता घासपानी-I, नागालैंड में थे, कुल 50,744 पंजीकृत मतदाता।
पृष्ठभूमि
इससे कांग्रेस सत्ता में बनी रही और राज्य विधान सभा में लगातार जीतों का उसका सिलसिला जारी रहा।