नागालैंड 2003 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 21 सीटें (35.0%)NPF: 19 सीटें (31.7%)BJP: 7 सीटें (11.7%)NDM: 5 सीटें (8.3%)IND: 4 सीटें (6.7%)JD(U): 3 सीटें (5.0%)SAP: 1 सीट (1.7%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
चुनाव की कहानी

कांग्रेस बाल-बाल आगे रही

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनी रही, पर बस किसी तरह।

कांग्रेस ने 60 में से 21 सीटें जीतीं, जो बहुमत से काफ़ी कम थीं।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी नागालैंड पीपुल्स फ्रंट 19 सीटों के साथ ज़्यादा पीछे नहीं थी।

कोई भी एक पार्टी 31 सीटों के बहुमत के आँकड़े को पार नहीं कर सकी, और सदन रहा।

क्या बदला

कांग्रेस की कुल स्थिति जितनी टिकी रही, उसकी अपनी सीटें उतनी नहीं टिक पाईं।

उसकी सीटें 53 से घटकर सिर्फ़ 21 रह गईं; पहले स्थान पर रहने के बावजूद उसकी अपनी ताक़त में भारी गिरावट आई।

उछलकर 87.6% हो गया, जो पिछले चुनाव के असामान्य रूप से फीके मुक़ाबले से काफ़ी ज़्यादा था।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ी टक्कर अतोइजु, नागालैंड में हुई, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 18 वोटों से हुआ।

दूसरी ओर, आओंगलेंडेन, नागालैंड में विजेता ने दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को 80.5% वोटों के अंतर से हराया। यह इस चुनाव का सबसे बड़ा था, जिसे वोटों की गिनती में नहीं, कुल वोटों के हिस्से के रूप में मापा गया है।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार सानिस, नागालैंड में उतरे, बैलट पर 8 उम्मीदवार थे।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से घासपानी-I, नागालैंड राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 54,453 मतदाता थे।

पृष्ठभूमि

इस साल दूसरे स्थान पर रही पार्टी एक नए नाम से लड़ रही थी।

इस चुनाव में कई दलों ने पहली बार नागालैंड विधान सभा में सीटें जीतीं: भाजपा, एनडीएम और जदयू।

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