आराम से जीत, पर एक सीट पर आख़िर तक टक्कर
क्या हुआ
इंडियन नेशनल कांग्रेस फिर जीती और विधान सभा में आराम से बहुमत पाया।
कांग्रेस ने कुल 60 सीटों में से 34 सीटें जीतीं।
अब वह लगातार 2 चुनाव जीत चुकी है।
यह 31 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी ऊपर था।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी नागा नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी 18 सीटों के साथ पीछे रही।
क्या बदला
इस चुनाव में कांग्रेस ने अपना बहुमत फिर बढ़ाया; सत्ता में लौटने के बाद से उसकी बढ़त जारी रही।
कांग्रेस की सीटें 24 से बढ़कर 34 हो गईं।
इससे वह बहुमत के आँकड़े से 3 सीटें आगे रही।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) भी पिछले चुनाव से 7.8 प्रतिशत अंक बढ़ा।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला उत्तरी अंगामी-I, नागालैंड में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 3 वोट रहा।
मोंगोया, नागालैंड में तस्वीर उलटी रही, जहाँ प्रतिशत के हिसाब से इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, 41.1%।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) घासपानी-I, नागालैंड में 56.6% से लेकर तामलू, नागालैंड में 99.5% तक रहा।
किसी भी सीट से ज़्यादा उम्मीदवार पेरेन, नागालैंड में उतरे, कुल 8।
पृष्ठभूमि
पिछले चुनाव में सत्ता में लौटने के बाद कांग्रेस की चुनावी जीतों का सिलसिला इससे जारी रहा।