भारी जीत

मध्य प्रदेश विधान सभा का नक्शा लोड हो रहा है…

चुनाव की कहानी

क्या हुआ

भारतीय जनता पार्टी ने यह चुनाव निर्णायक ढंग से जीता।

भाजपा ने 230 में से 163 सीटें जीतीं, यानी विधान सभा में भारी बहुमत।

इंडियन नेशनल कांग्रेस 66 सीटों के साथ बहुत पीछे रह गई।

यह उसी पार्टी की पिछले चुनाव की सीटों से 54 सीटें ज़्यादा थीं।

क्या बदला

सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी के लगभग नहीं बदला।

उसके मतों का हिस्सा 40.4% रहा, पहले से सिर्फ़ -0.5 प्रतिशत अंक का बदलाव।

फिर भी इस बार कांग्रेस को सिर्फ़ 66 सीटें मिलीं।

सबसे बड़ा बदलाव कांग्रेस से भाजपा की ओर रहा, 70 सीटें इसी तरह बदलीं।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

77.7% तक पहुँचा, जो राज्य में अब तक का सबसे ऊँचा था।

सबसे कड़ा मुक़ाबला शाजापुर, मध्य प्रदेश में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 28 वोट रहा।

मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर इंदौर-2, मध्य प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 45.3% वोट आगे रहा।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला अटेर, मध्य प्रदेश में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 38 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

पिछला कार्यकाल ख़त्म होने से पहले सत्ता में लौटने के बाद यह पहला मौक़ा था जब भाजपा मतदाताओं के सामने गई।