पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ के पहले चुनाव में किसी को बहुमत नहीं
क्या हुआ
नए संघ के पहले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने किसी भी और पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतीं, लेकिन इतनी नहीं कि अकेले बहुमत बना सके।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 60 सीटों में से 26 सीटें जीतीं।
इससे संघ में (ऐसा परिणाम जिसमें किसी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं) विधान सभा बनी।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी अकाली पार्टी ने 19 सीटें जीतीं।
क्या बदला
नए बने संघ का यह अब तक का पहला विधान सभा चुनाव था।
इसकी कुछ सीटें बहु-सदस्यीय थीं, यानी हर मुक़ाबले से विधान सभा में एक से ज़्यादा सदस्य चुने जाते थे।
उसके 50 निर्वाचन क्षेत्रों में से 10 इसी तरह काम करते थे।
कुल मिलाकर विधान सभा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 60 हो गई।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला जुलाना, पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 81 वोट रहा।
सबसे बड़ी जीत मलेरकोटला, पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ में हुई, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 57.8% आगे रहा।
पूरे संघ में लगभग 59.4% पंजीकृत मतदाता वोट डालने आए।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला कोटकपूरा जैतो, पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 24 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
संघ ख़ुद बिल्कुल नया था: इस चुनाव से ठीक पहले इलाक़े की कई रियासतों को मिलाकर इसे बनाया गया था।