लहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में लहरा से 2 सदस्य चुने गए: बृष भान (INC) और प्रीतम सिंह (AKAP)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 23 दादरी है।
विजेता
लहरा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,268 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृष भान | 13,34419.1% | |
| 2 | प्रीतम सिंह AKAP | AKAP | 12,59618.1% |
| 3 | प्रीतम सिंह AKAP | AKAP | 12,07617.3% |
| 4 | भजन लाल | 10,99315.8% | |
| 5 | घुमन LCP | LCP | 8,00411.5% |
| 6 | निरंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7235.3% |
| 7 | निरंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4815.0% |
| 8 | जवाहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0454.4% |
| 9 | जांगिड़ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5072.2% |
| 10 | जोगेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 9791.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1954 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1954 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।