अमलोह पायलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में अमलोह पायल से 2 सदस्य चुने गए: ज्ञान सिंह (निर्दलीय) और मिहान सिंह (SCF)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 39 मौड़ है।
विजेता
14.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्ञान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 23,60231.2% |
| 2 | मिहान सिंह | 21,40828.3% | |
| 3 | मोहिंदर सिंह | 12,88317.0% | |
| 4 | मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,57012.6% |
| 5 | तरलोक सिंह AKAP | AKAP | 3,9915.3% |
| 6 | रोशन लाल SP | SP | 9901.3% |
| 7 | करतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7801.0% |
| 8 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7170.9% |
| 9 | भगत सिंह SP | SP | 7120.9% |
| 10 | इन्द्रजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6830.9% |
| 11 | टहल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3820.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1954 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1954 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।