दादरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में दादरी से 2 सदस्य चुने गए: निहाल सिंह (INC) और हरनाम (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 44 मलेरकोटला है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। निहाल सिंह 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निहाल सिंह | 13,23820.3% | |
| 2 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 11,37217.4% |
| 3 | हरनाम | 11,10317.0% | |
| 4 | जगदीश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6,66510.2% |
| 5 | हरनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,60810.1% |
| 6 | मुन्नी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4418.3% |
| 7 | कुंज लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8977.5% |
| 8 | भीखू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2976.6% |
| 9 | बनवारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7372.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1954 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1954 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।