पटियाला शहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
जसवंत सिंह (AKAP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर पटियाला शहर सीट जीती और लछमन दास (INC) को 156 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 31 कपूरथला है।
विजेता
पटियाला शहर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 156 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जसवंत सिंह AKAP | AKAP | 11,33948.6% |
| 2 | लछमन दास | 11,18347.9% | |
| 3 | दलीप चन्द | 3201.4% | |
| 4 | सूरत राम SP | SP | 1690.7% |
| 5 | भगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.5% |
| 6 | निर्मल सोढी निर्दलीय | निर्दलीय | 820.3% |
| 7 | प्रहलाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 480.2% |
| 8 | सोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
| 9 | पूरन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 310.1% |
| 10 | सुरिंदर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 200.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AKAP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1954 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1954 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।