संगरूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
गजन सिंह (AKAP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर संगरूर सीट जीती और नौहर चन्द (INC) को 2,332 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 19 कलायत है।
विजेता
12.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गजन सिंह AKAP | AKAP | 6,83837.1% |
| 2 | नौहर चन्द | 4,50624.5% | |
| 3 | निर्भय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,43113.2% |
| 4 | शाम सिंह | 1,7909.7% | |
| 5 | जसवंत सिंह LCP | LCP | 1,5498.4% |
| 6 | बालमुकुंद निर्दलीय | निर्दलीय | 6613.6% |
| 7 | गुरबख्श सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3361.8% |
| 8 | रणबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.7% |
| 9 | करतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 960.5% |
| 10 | लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 880.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1954 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1954 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।