कलायतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
बृष भान (INC) ने 1954 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर कलायत सीट जीती और इन्द्र सिंह (निर्दलीय) को 1,284 वोटों से हराया।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 19 संगरूर थी।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृष भान | 10,67750.3% | |
| 2 | इन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,39344.2% |
| 3 | जय भगवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2441.1% |
| 4 | देसा निर्दलीय | निर्दलीय | 2211.0% |
| 5 | डूगर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.9% |
| 6 | जाति निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.7% |
| 7 | रिसाई सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.6% |
| 8 | नारायण दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 980.5% |
| 9 | नाथू निर्दलीय | निर्दलीय | 790.4% |
| 10 | नन्नो राम निर्दलीय | निर्दलीय | 780.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (पहला), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (48 सीटों में ऊपर से पहला)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।