सिकंदराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
नरेन्द्र सिंह भाटी (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर सिकंदराबाद सीट जीती और वीरेन्द्र पाल सिंह (BJP) को 774 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 386 स्याना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 386 बरनावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सिकंदराबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 774 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र सिंह भाटी संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 45,41436.0% |
| 2 | वीरेन्द्र पाल सिंह | 44,64035.4% | |
| 3 | जगवीर सिंह | 32,20525.5% | |
| 4 | खमानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0301.6% |
| 5 | गजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 6960.6% |
| 6 | कन्हैया निर्दलीय | निर्दलीय | 5630.5% |
| 7 | मदन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 8 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 9 | ओंकार नाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 10 | कदीर निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 11 | श्याम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराबाद से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 60.8% से घटकर 54.5% रह गया।
- 1974वीरेन्द्र सरूप भटनागर (INC), जीत का अंतर 14.5%
- 1977प्रताप सिंह (JNP), जीत का अंतर 26.9%
- 1980यश पाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 7.0%
- 1985राजेन्द्र सिंह सोलंकी (INC), जीत का अंतर 25.5%
- 1989नरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 22.5%
- 1991नरेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 15.4%
- 1993वीरेन्द्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.8%
- 1996नरेन्द्र सिंह भाटी (SP), जीत का अंतर 0.6%