सिकंदराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
नरेन्द्र सिंह भाटी (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर सिकंदराबाद सीट जीती और राजेन्द्र सोलंकी (INC) को 15,452 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 386 स्याना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 386 बरनावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेन्द्र सिंह भाटी 15.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र सिंह भाटी जनता दल | जनता दल | 43,83543.6% |
| 2 | राजेन्द्र सोलंकी | 28,38328.2% | |
| 3 | वेद राम भाटी | 26,63026.5% | |
| 4 | शहाबउददीन मलिक | 5210.5% | |
| 5 | चमन JP | JP | 4670.5% |
| 6 | सुरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.3% |
| 7 | वेद वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 8 | सुभाष चन्द त्यागी | 980.1% | |
| 9 | वेद प्रकाश KMS | KMS | 760.1% |
| 10 | कदीर निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराबाद से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.4% से घटकर 43.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 48.9% से बढ़कर 52.7% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974वीरेन्द्र सरूप भटनागर (INC), जीत का अंतर 14.5%
- 1977प्रताप सिंह (JNP), जीत का अंतर 26.9%
- 1980यश पाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 7.0%
- 1985राजेन्द्र सिंह सोलंकी (INC), जीत का अंतर 25.5%
- 1989नरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 22.5%
- 1991नरेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 15.4%
- 1993वीरेन्द्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.8%
- 1996नरेन्द्र सिंह भाटी (SP), जीत का अंतर 0.6%