सिकंदराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राजेन्द्र सिंह सोलंकी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.0% वोट पाकर सिकंदराबाद सीट जीती और शाह मल (LKD) को 17,940 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 386 स्याना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 386 बरनावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजेन्द्र सिंह सोलंकी 25.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र सिंह सोलंकी | 35,19550.0% | |
| 2 | शाह मल Lok Dal | Lok Dal | 17,25524.5% |
| 3 | ब्रहम दत्त जनता | जनता | 10,23714.5% |
| 4 | रामेश्वर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9074.1% |
| 5 | मेघराज सिंह | 2,2543.2% | |
| 6 | रतन प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1611.6% |
| 7 | गिरीश निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.5% |
| 8 | शिवचरण | 3310.5% | |
| 9 | धर्मवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.5% |
| 10 | विश्वकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2870.4% |
| 11 | वशीकुर रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और JNP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराबाद से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1980 जितना ही रहा: 48.8%। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974वीरेन्द्र सरूप भटनागर (INC), जीत का अंतर 14.5%
- 1977प्रताप सिंह (JNP), जीत का अंतर 26.9%
- 1980यश पाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 7.0%
- 1985राजेन्द्र सिंह सोलंकी (INC), जीत का अंतर 25.5%
- 1989नरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 22.5%
- 1991नरेन्द्र सिंह भाटी (JD), जीत का अंतर 15.4%
- 1993वीरेन्द्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.8%
- 1996नरेन्द्र सिंह भाटी (SP), जीत का अंतर 0.6%