फिरोजाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
रघुबर दयाल वर्मा (SLAP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर फिरोजाबाद सीट जीती और अजीमुज्जमा खान (अजीम भाई) (SP) को 2,719 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 351 कासगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 351 सादाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फिरोजाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,719 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुबर दयाल वर्मा SLAP | SLAP | 61,71439.5% |
| 2 | अजीमुज्जमा खान (अजीम भाई) संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 58,99537.8% |
| 3 | महेश चन्द्र अग्रवाल | 30,71519.7% | |
| 4 | पुत्तू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8181.2% |
| 5 | समसुद्दीन NLP | NLP | 1,6221.0% |
| 6 | छोटे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9110.6% |
| 7 | देवी सिंह BHJS | BHJS | 2060.1% |
| 8 | आसिफ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SLAP, SP और BSP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फिरोजाबाद से कौन जीता, 1974–1996
SLAP ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SLAP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 65.4% से घटकर 58.4% रह गया।
- 1974मोहम्मद अयूब (MUL), जीत का अंतर 7.8%
- 1977रघुबर दयाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 21.9%
- 1980गुलाम नबी (INC(I)), जीत का अंतर 16.9%
- 1985रघुबर दयाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 0.5%
- 1989रघुबर दयाल वर्मा (JD), जीत का अंतर 1.6%
- 1991राम किशन दादाजू (BJP), जीत का अंतर 11.4%
- 1993नसीरुद्दीन (SP), जीत का अंतर 0.9%
- 1996रघुबर दयाल वर्मा (SLAP), जीत का अंतर 1.7%