फिरोजाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
राम किशन दादाजू (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 42.5% वोट पाकर फिरोजाबाद सीट जीती और रघबर दयाल वर्मा (JD) को 11,615 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 351 कासगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 351 सादाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम किशन दादाजू | 43,13842.5% | |
| 2 | रघबर दयाल वर्मा जनता दल | जनता दल | 31,52331.1% |
| 3 | सनक सिंह JP | JP | 12,92912.8% |
| 4 | मोहम्मद सईद | 7,9717.9% | |
| 5 | मिर्जा खालिक बेग | 3,6263.6% | |
| 6 | खालिक निर्दलीय | निर्दलीय | 4580.5% |
| 7 | साविर हाशमी निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.2% |
| 8 | राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.2% |
| 9 | साविर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 10 | झब्बू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 11 | राम दास | 1070.1% | |
| 12 | रज्जो निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 13 | मोहम्मद सफी IML | IML | 950.1% |
| 14 | दाता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 15 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 16 | चन्द्र भान निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 17 | विमलेश कुमार उर्फ़ विमल कुंजर | 730.1% | |
| 18 | कुंज बिहारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 19 | लोटन एम. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 20 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 21 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 22 | फ़यीम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 23 | भगवान सिंह बघेल निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 24 | रियाज़ उद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 25 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
| 26 | अहिबरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 27 | ग्रीश कुमार उर्फ़ ग्रीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
| 28 | आलिम निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 29 | मोहम्मद उमर हाशमी निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 30 | भुम्माजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फिरोजाबाद से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 43.7% से बढ़कर 47.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974मोहम्मद अयूब (MUL), जीत का अंतर 7.8%
- 1977रघुबर दयाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 21.9%
- 1980गुलाम नबी (INC(I)), जीत का अंतर 16.9%
- 1985रघुबर दयाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 0.5%
- 1989रघुबर दयाल वर्मा (JD), जीत का अंतर 1.6%
- 1991राम किशन दादाजू (BJP), जीत का अंतर 11.4%
- 1993नसीरुद्दीन (SP), जीत का अंतर 0.9%
- 1996रघुबर दयाल वर्मा (SLAP), जीत का अंतर 1.7%