फिरोजाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रघुबर दयाल वर्मा (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 30.6% वोट पाकर फिरोजाबाद सीट जीती और गुलाम नबी (INC) को 313 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 351 कासगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 351 सादाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फिरोजाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 313 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघुबर दयाल वर्मा जनता | जनता | 20,95430.6% |
| 2 | गुलाम नबी | 20,64130.1% | |
| 3 | राम कृष्ण दादाजू | 12,73618.6% | |
| 4 | मोहम्मद अयूब Lok Dal | Lok Dal | 6,6839.8% |
| 5 | राजा राम वाम दल | वाम दल | 1,6222.4% |
| 6 | राम खिलाड़ी राठौर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1841.7% |
| 7 | शिव चरण ICJ | ICJ | 1,0231.5% |
| 8 | अशोक कुमार पुत्र सी.के. तेलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7731.1% |
| 9 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 7261.1% |
| 10 | गुलाम हैदर निर्दलीय | निर्दलीय | 4840.7% |
| 11 | मोहम्मद इलियास निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.5% |
| 12 | अर्जुन सिंह | 1820.3% | |
| 13 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.3% |
| 14 | नेम चन्द | 1530.2% | |
| 15 | ज़ै उल्लाह खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 16 | अशोक कुमार पुत्र प्रकाश नारायण ICS | ICS | 1350.2% |
| 17 | अशफाक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 18 | अबू निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
| 19 | ए.के. चतुर्वेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 20 | सिराज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 21 | मोहम्मद इरफान बेदार निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 22 | मुश्ताक निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फिरोजाबाद से कौन जीता, 1974–1996
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; JNP ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 47.0% से घटकर 46.1% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974मोहम्मद अयूब (MUL), जीत का अंतर 7.8%
- 1977रघुबर दयाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 21.9%
- 1980गुलाम नबी (INC(I)), जीत का अंतर 16.9%
- 1985रघुबर दयाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 0.5%
- 1989रघुबर दयाल वर्मा (JD), जीत का अंतर 1.6%
- 1991राम किशन दादाजू (BJP), जीत का अंतर 11.4%
- 1993नसीरुद्दीन (SP), जीत का अंतर 0.9%
- 1996रघुबर दयाल वर्मा (SLAP), जीत का अंतर 1.7%