त्रावणकोर-कोचीन के पहले चुनाव में किसी को बहुमत नहीं
क्या हुआ
त्रावणकोर-कोचीन का पहला विधान सभा चुनाव (ऐसा परिणाम जिसमें किसी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं) विधान सभा पर ख़त्म हुआ।
सबसे ज़्यादा सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस ने जीतीं, कुल 108 सीटों में से 44।
यह 55 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी कम था।
निर्दलीय के उम्मीदवार ज़्यादा पीछे नहीं रहे, जिन्होंने मिलाकर 37 सीटें जीतीं।
क्या बदला
यह त्रावणकोर-कोचीन की अपनी विधान सभा का पहला चुनाव था।
उस साल के कुछ निर्वाचन क्षेत्र बहु-सदस्यीय थे, यानी एक ही मुक़ाबले से विधान सभा में एक से ज़्यादा सदस्य चुने जाते थे।
97 निर्वाचन क्षेत्रों में से 11 इसी तरह काम करते थे।
कुल मिलाकर, इन सीटों से 108 सदस्य चुने गए।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला आलंगाड, त्रावणकोर-कोचीन में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 140 वोट रहा।
सबसे बड़ी जीत थिरुवट्टार, त्रावणकोर-कोचीन में हुई, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 59.8% आगे रहा।
राज्य में कहीं भी सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) परवूर, त्रावणकोर-कोचीन में रहा, 84.6%।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला इरनियल, त्रावणकोर-कोचीन में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
त्रावणकोर-कोचीन ख़ुद कुछ ही साल पहले रियासतों को मिलाकर बना था।