नेडुमंगाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
नीलकंदरन पंडारथिल (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 46.5% वोट पाकर नेडुमंगाड सीट जीती और वेलु पिल्लई, एन. (INC) को 5,229 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 18 का नाम अब भी नेडुमंगाड है, अब नई सीमाओं के साथ।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नीलकंदरन पंडारथिल 25.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नीलकंदरन पंडारथिल निर्दलीय | निर्दलीय | 9,45246.5% |
| 2 | वेलु पिल्लई, एन. | 4,22320.8% | |
| 3 | नारायण पिल्लई, वी. SP | SP | 3,08115.1% |
| 4 | गोपालन, के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,42111.9% |
| 5 | वासुदेवा पिल्लई, के. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1685.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।