पारस्सालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कौजन नाडार (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 25.0% वोट पाकर पारस्साला सीट जीती और लक्ष्मणन नाडार, एन. (INC) को 1,788 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1954 से सीट नंबर 9 विलवनकोड है।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कौजन नाडार निर्दलीय | निर्दलीय | 6,70025.0% |
| 2 | लक्ष्मणन नाडार, एन. | 4,91218.3% | |
| 3 | चुप्पैया TTCP | TTCP | 4,82618.0% |
| 4 | स्टिवर्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 4,75817.7% |
| 5 | सुंदरेसन तम्पी SP | SP | 3,58913.4% |
| 6 | गोविंदा पिल्लई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3545.0% |
| 7 | जोन्स डेंजेल सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 7092.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1954 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1954 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।