पणजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
प्रभु पर्रिकर मनोहर गोपालकृष्ण (BJP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर पणजी सीट जीती और प्रभु केशव लक्ष्मीधर (INC) को 1,066 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में भी सीट नंबर 10 का नाम पणजी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 10 हलदोणे है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभु पर्रिकर मनोहर गोपालकृष्ण | 4,60044.4% | |
| 2 | प्रभु केशव लक्ष्मीधर | 3,53434.1% | |
| 3 | सुरेन्द्र फुर्तादो क्रिस्टोवम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,13911.0% |
| 4 | सिकेरा इरास्मो जैक GLP | GLP | 7367.1% |
| 5 | वैगोंकर दामोदर विनायक निर्दलीय | निर्दलीय | 1101.1% |
| 6 | तांबा रघुरा-आई. UGDP | UGDP | 850.8% |
| 7 | कनौडेकर हरीचंद्र अंबाजी | 560.5% | |
| 8 | पटेल राजेन्द्र प्रसादशंकरलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 340.3% |
| 9 | केरकर चंद्रकांत महादेव निर्दलीय | निर्दलीय | 330.3% |
| 10 | विन्सेन्ट डियागो डी. सूज़ा फ्रांसिस पीटर निर्दलीय | निर्दलीय | 140.1% |
| 11 | हेरेडिया यूक्लिड पीटर जोसेफ फ्रांसिस्को निर्दलीय | निर्दलीय | 80.1% |
| 12 | स्टीफन वाज सेबास्तियाओ वाज निर्दलीय | निर्दलीय | 60.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पणजी से कौन जीता, 1989–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1989 के 64.3% से घटकर 61.3% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।