मुर्शिदाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
छाया घोष (FBL) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर मुर्शिदाबाद सीट जीती और मन्नान होसेन (निर्दलीय) को 22,994 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 बहरामपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 58 जंगीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — छाया घोष 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | छाया घोष वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 69,57246.9% |
| 2 | मन्नान होसेन निर्दलीय | निर्दलीय | 46,57831.4% |
| 3 | मोज़म्मेल हक PDS | PDS | 15,74810.6% |
| 4 | सगीर होसेन | 5,9154.0% | |
| 5 | निमाई मजूमदार | 4,4923.0% | |
| 6 | सजेम अली निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6371.8% |
| 7 | बिश्व हरि मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3940.9% |
| 8 | मजीद होसेन मंडल | 1,1350.8% | |
| 9 | ललन मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0220.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुर्शिदाबाद से कौन जीता, 1977–2006
FBL ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; FBL ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1996 के 83.8% से घटकर 79.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AIFB ने जीती।