मुर्शिदाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
छाया घोष (FBL) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 37.0% वोट पाकर मुर्शिदाबाद सीट जीती और सैयद नवाब जानी मिर्ज़ा (JNP) को 4,564 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 बहरामपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 58 जंगीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | छाया घोष | 17,52437.0% | |
| 2 | सैयद नवाब जानी मिर्ज़ा जनता | जनता | 12,96027.4% |
| 3 | महम्मद इदरीस अली | 10,66322.5% | |
| 4 | फ़ज़लू रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1566.7% |
| 5 | नक्शेद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2012.5% |
| 6 | प्रफुल्ल कुमार बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 7481.6% |
| 7 | सैयद अब्दुल क़ाशेम मिया | 5311.1% | |
| 8 | अमरेंद्र नाथ मंडल (नानी बाबू) निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.8% |
| 9 | तरुण कान्ति सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुर्शिदाबाद से कौन जीता, 1977–2006
इसके बाद 1982 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।