झालदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
नेपाल महतो (निर्दलीय) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर झालदा सीट जीती और सत्य रंजन महतो (FBL) को 13,477 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 237 बड़जोड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 237 बिनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नेपाल महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 48,56849.2% |
| 2 | सत्य रंजन महतो | 35,09135.5% | |
| 3 | दुबराज महतो | 4,5714.6% | |
| 4 | बिष्णु चरण महतो | 3,8463.9% | |
| 5 | जितेन्द्र नाथ महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4943.5% |
| 6 | पशुपति महतो AMB | AMB | 1,8841.9% |
| 7 | धीरेण चन्द्र महतो | 1,2441.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, FBL और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झालदा से कौन जीता, 1977–2006
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 74.8% से घटकर 66.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।