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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 223

मिदनापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001

पूर्णेंदु सेनगुप्ता (CPI) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर मिदनापुर सीट जीती और गौरी घोष (AITC) को 7,955 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 223 आड़शा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 223 केशियाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

पूर्णेंदु सेनगुप्ता
CPI· वाम मोर्चा
CPI 49.2%AITC 43.7%5 अन्य 7.1%
मिले वोट
71,188
मतों का 49.2%
जीत का अंतर
7,955
कुल वोटों का 5.5%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
75.3%
1,92,327 मतदाताओं में से

5.5% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
पूर्णेंदु सेनगुप्ता
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
71,18849.2%
2
गौरी घोष
AITC
AITC
63,23343.7%
3
बिस्वनाथ पांडब
6,8764.8%
4
प्राणतोष माइति
निर्दलीय
निर्दलीय
1,1850.8%
5
किस्कू रामेश्वर
निर्दलीय
निर्दलीय
1,0300.7%
6
राजुद्दीन पठान
PDS
PDS
6890.5%
7
बीरेन्द्र नाथ अधिकारी
AMB
AMB
5750.4%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
5.5%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
75%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

CPI, AITC और BJP को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
49.2%CPI की जीत
CPI 49.2%AITC 43.7%अन्य 7.2%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

मिदनापुर से कौन जीता, 1977–2006

CPI ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.8% से घटकर 49.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 81.8% से घटकर 75.3% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977बंकिम बिहारी पाल (JNP), जीत का अंतर 6.6%
  2. 1982कामाख्य़ा घोष (CPI), जीत का अंतर 8.7%
  3. 1987कामाख्य़ा चरण घोष (CPI), जीत का अंतर 7.1%
  4. 1991कामाक्षा घोष (CPI), जीत का अंतर 23.3%
  5. 1996पूर्णेंदु सेनगुप्ता (CPI), जीत का अंतर 11.1%
  6. 2001पूर्णेंदु सेनगुप्ता (CPI), जीत का अंतर 5.5%
  7. 2006संतोष राणा (CPI), जीत का अंतर 37.0%