मिदनापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
कामाक्षा घोष (CPI) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 53.5% वोट पाकर मिदनापुर सीट जीती और राज कुमार मिश्रा (INC) को 27,165 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 223 आड़शा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 223 केशियाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कामाक्षा घोष 23.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कामाक्षा घोष वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 62,30353.5% |
| 2 | राज कुमार मिश्रा | 35,13830.2% | |
| 3 | मुक्तेश घोष | 14,45812.4% | |
| 4 | सेख अबू हान्नान | 1,1631.0% | |
| 5 | अनिल कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9040.8% |
| 6 | डी. पी. राय JP | JP | 8200.7% |
| 7 | बानी कान्ता बारिक निर्दलीय | निर्दलीय | 7900.7% |
| 8 | अपर्णा दत्त AMB | AMB | 4220.4% |
| 9 | होसेन नुर | 1980.2% | |
| 10 | मधुसूदन दे निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 11 | सत्यनारायण जयशोल | 1060.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिदनापुर से कौन जीता, 1977–2006
CPI ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.3% से बढ़कर 53.5% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1987 के 74.0% से घटकर 70.9% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977बंकिम बिहारी पाल (JNP), जीत का अंतर 6.6%
- 1982कामाख्य़ा घोष (CPI), जीत का अंतर 8.7%
- 1987कामाख्य़ा चरण घोष (CPI), जीत का अंतर 7.1%
- 1991कामाक्षा घोष (CPI), जीत का अंतर 23.3%
- 1996पूर्णेंदु सेनगुप्ता (CPI), जीत का अंतर 11.1%
- 2001पूर्णेंदु सेनगुप्ता (CPI), जीत का अंतर 5.5%
- 2006संतोष राणा (CPI), जीत का अंतर 37.0%