राजगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
भगवान सिंह राय (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर राजगंज सीट जीती और धीरेन्द्र नाथ राय (CPM) को 1,451 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 19 जोड़बंगलो थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 19 क्रांति है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। भगवान सिंह राय 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवान सिंह राय कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 11,79635.3% |
| 2 | धीरेन्द्र नाथ राय वाम दल | वाम दल | 10,34530.9% |
| 3 | भबेंद्र नाथ राय हकम महागठबंधन | महागठबंधन | 4,11812.3% |
| 4 | जिबन राय | 3,0329.1% | |
| 5 | ज्योति प्रसाद बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7788.3% |
| 6 | इमानेश्वर राय BAC | BAC | 1,3744.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजगंज से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.6% से घटकर 35.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 59.2% से घटकर 43.8% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।