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उत्तर प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 290

कानपुर कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996

सतीश महाना (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 59.5% वोट पाकर कानपुर कैंट सीट जीती और अशोक कुमार कालिया (BSP) को 41,491 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 290 खजुहा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 290 भरथना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

सतीश महाना
BJP 59.5%BSP 21.3%6 अन्य 19.2%
मिले वोट
64,578
मतों का 59.5%
जीत का अंतर
41,491
कुल वोटों का 38.2%
उम्मीदवार
8
मतदान प्रतिशत
42.0%
2,58,357 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — सतीश महाना 38.2% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

8 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
सतीश महाना
64,57859.5%
2
अशोक कुमार कालिया
23,08721.3%
3
गणेश अवस्थी
संयुक्त मोर्चा
संयुक्त मोर्चा
19,92718.4%
4
प्रविण गोपाल जी
BHJS
BHJS
3670.3%
5
असीम आलम
NLP
NLP
2140.2%
6
नेत राम
निर्दलीय
निर्दलीय
1820.2%
7
राजीव राम पाल
निर्दलीय
निर्दलीय
930.1%
8
विजय कुमार बाजपेयी उर्फ़ गुड्डू
ABJS
ABJS
770.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
38.2%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
42%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

BJP, BSP और SP को 99% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
424 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 213

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
59.5%BJP की जीत
BJP 59.5%BSP 21.3%SP 18.4%अन्य 0.9%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

कानपुर कैंट से कौन जीता, 1974–1996

BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.2% से बढ़कर 59.5% हो गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 55.1% से घटकर 42.0% रह गया।

  1. 1974श्याम मिश्रा (INC), जीत का अंतर 6.0%
  2. 1977बाबू राम शुक्ला (JNP), जीत का अंतर 27.2%
  3. 1980भूधर नारायण मिश्र (INC(I)), जीत का अंतर 12.2%
  4. 1985पशुपति नाथ (INC), जीत का अंतर 45.9%
  5. 1989गणेश दीक्षित (JD), जीत का अंतर 9.9%
  6. 1991सतीश महाना (BJP), जीत का अंतर 21.0%
  7. 1993सतीश महाना (BJP), जीत का अंतर 20.2%
  8. 1996सतीश महाना (BJP), जीत का अंतर 38.2%