खजुहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
उदित नारायण (BKD) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर खजुहा सीट जीती और प्रेम दत्ता (INC) को 9,040 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 290 करारी थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 290 कानपुर कैंट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उदित नारायण 16.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदित नारायण | 27,04049.7% | |
| 2 | प्रेम दत्ता | 18,00033.1% | |
| 3 | दीप नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6806.8% |
| 4 | शिव अधार | 2,4304.5% | |
| 5 | हसन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7123.1% |
| 6 | सूर्य पाल गुप्ता Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,0972.0% |
| 7 | चाची शांति शिरोमणि | 4250.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BKD, INC और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खजुहा से कौन जीता, 1967–1969
BKD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 56.1%।
- 1967पी. दत्त (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 1969उदित नारायण (BKD), जीत का अंतर 16.6%