कोलअसलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अजय राय (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 26.7% वोट पाकर कोलअसला सीट जीती और उदल (CPI) को 488 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 245 मुग़लसराय थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 245 राबर्ट्सगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कोलअसला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 488 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजय राय | 38,35226.7% | |
| 2 | उदल संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 37,86426.3% |
| 3 | ओम प्रकाश राजभर | 32,77722.8% | |
| 4 | अवधेश निर्दलीय | निर्दलीय | 27,04018.8% |
| 5 | किशोरी लाल पटेल AD | AD | 4,4223.1% |
| 6 | वकील NLP | NLP | 1,1780.8% |
| 7 | सिपाही SJP(R) | SJP(R) | 7110.5% |
| 8 | किशोरी BHJS | BHJS | 6600.5% |
| 9 | सभाजीत SLP(L) | SLP(L) | 6180.4% |
| 10 | वंश नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोलअसला से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 53.1% से बढ़कर 57.4% हो गया।