वाराणसी दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 68.1% वोट पाकर वाराणसी दक्षिण सीट जीती और देवब्रत मजूमदार (INC) को 37,282 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 242 धानापुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 242 गड़वारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्याम देव राय चौधरी (दादा) 38.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम देव राय चौधरी (दादा) | 65,28868.1% | |
| 2 | देवब्रत मजूमदार | 28,00629.2% | |
| 3 | महमूद AD | AD | 9581.0% |
| 4 | अमाब्रिश राय CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 5320.6% |
| 5 | अजय शंकर ABJS | ABJS | 4710.5% |
| 6 | राजेश BHJS | BHJS | 1900.2% |
| 7 | राकेश कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 8 | नत्थू लाल सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 9 | प्राण नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 10 | राजीव कन्नौजिया निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वाराणसी दक्षिण से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 62.3% से बढ़कर 68.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 49.9% से घटकर 35.7% रह गया।
- 1974चरण दास सेठ (BJS), जीत का अंतर 10.5%
- 1977राज बली तिवारी (JNP), जीत का अंतर 38.0%
- 1980कैलाश टंडन (INC(I)), जीत का अंतर 11.3%
- 1985रजनी कान्त (INC), जीत का अंतर 29.4%
- 1989श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 27.5%
- 1991श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 49.8%
- 1993श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 38.6%
- 1996श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 38.9%