वाराणसी दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 65.2% वोट पाकर वाराणसी दक्षिण सीट जीती और विजय दुबे (JD) को 44,167 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 242 धानापुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 242 गड़वारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्याम देव राय चौधरी (दादा) 49.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम देव राय चौधरी (दादा) | 57,82965.2% | |
| 2 | विजय दुबे जनता दल | जनता दल | 13,66215.4% |
| 3 | गिरीश शास्त्री | 9,17910.3% | |
| 4 | अरुण चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2153.6% |
| 5 | संतोष कुमार पंडाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3961.6% |
| 6 | अब्दुल्ला | 1,3291.5% | |
| 7 | विजय लक्ष्मी निर्दलीय | निर्दलीय | 6800.8% |
| 8 | बाला शंकर तिवारी उर्फ़ वाले गुरु निर्दलीय | निर्दलीय | 5360.6% |
| 9 | बच्चे लाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 10 | श्री चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 11 | अब्दुल रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.2% |
| 12 | सरवर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 13 | मानस रतन कृष्ण नन्द त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 14 | इस्तख़ार अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 15 | हरि दास निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 16 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 17 | अभिजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 18 | तारक नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 19 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और JD को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वाराणसी दक्षिण से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.0% से बढ़कर 65.2% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 37.5% से बढ़कर 41.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974चरण दास सेठ (BJS), जीत का अंतर 10.5%
- 1977राज बली तिवारी (JNP), जीत का अंतर 38.0%
- 1980कैलाश टंडन (INC(I)), जीत का अंतर 11.3%
- 1985रजनी कान्त (INC), जीत का अंतर 29.4%
- 1989श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 27.5%
- 1991श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 49.8%
- 1993श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 38.6%
- 1996श्याम देव राय चौधरी (दादा) (BJP), जीत का अंतर 38.9%