बांसडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बच्चा पाठक (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर बांसडीह सीट जीती और परमात्मा नन्द तिवारी (BJP) को 793 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 225 मऊ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 225 वाराणसी कैन्टोनमेंट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बांसडीह का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 793 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बच्चा पाठक | 42,24236.1% | |
| 2 | परमात्मा नन्द तिवारी | 41,44935.5% | |
| 3 | प्रेम शंकर संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 17,17314.7% |
| 4 | विजय लक्ष्मी SJP(R) | SJP(R) | 12,83811.0% |
| 5 | जगेसर निर्दलीय | निर्दलीय | 8270.7% |
| 6 | महावीर पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.4% |
| 7 | कमल BHJS | BHJS | 3840.3% |
| 8 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3730.3% |
| 9 | नागेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 3470.3% |
| 10 | दीनदया निर्दलीय | निर्दलीय | 2890.3% |
| 11 | रवि निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 12 | गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.1% |
| 13 | अमरनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 14 | हरिशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांसडीह से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.4% से बढ़कर 36.1% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 45.5% से घटकर 44.3% रह गया।
- 1974बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 1977बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 2.8%
- 1980बच्चा पाठक (INC(I)), जीत का अंतर 8.6%
- 1985विजय लक्ष्मी (JNP), जीत का अंतर 21.2%
- 1989विजय लक्ष्मी (JD), जीत का अंतर 6.8%
- 1991बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 8.5%
- 1993बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 8.9%
- 1996बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 0.7%