बांसडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
बच्चा पाठक (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 31.4% वोट पाकर बांसडीह सीट जीती और विजयलक्ष्मी (JD) को 9,413 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 225 मऊ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 225 वाराणसी कैन्टोनमेंट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बच्चा पाठक | 33,08231.4% | |
| 2 | विजयलक्ष्मी जनता दल | जनता दल | 23,66922.4% |
| 3 | चौधरी बच्चा बाबू समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 20,81419.7% |
| 4 | बब्बन सिंह रघुबंशी | 19,79518.8% | |
| 5 | हरेन्द्र JP | JP | 2,1062.0% |
| 6 | गंगासागर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1451.1% |
| 7 | नंदाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 6200.6% |
| 8 | ज्ञान प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5230.5% |
| 9 | शत्रुघन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4430.4% |
| 10 | विजय निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
| 11 | बलराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.3% |
| 12 | पुष्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.3% |
| 13 | परशुराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.3% |
| 14 | अजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 15 | रामजी निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 16 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 17 | धनजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 18 | महाबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 19 | दिनेश | 1360.1% | |
| 20 | मदन निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 21 | परमात्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 22 | तारकेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 23 | गिरिजा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 24 | गिरिजा निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 25 | शंकर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 26 | रमेश चन्द्र साहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 27 | पियरी निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 28 | राम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 29 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 30 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांसडीह से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.5% से घटकर 31.4% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1991 जितना ही रहा: 45.5%। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 1977बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 2.8%
- 1980बच्चा पाठक (INC(I)), जीत का अंतर 8.6%
- 1985विजय लक्ष्मी (JNP), जीत का अंतर 21.2%
- 1989विजय लक्ष्मी (JD), जीत का अंतर 6.8%
- 1991बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 8.5%
- 1993बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 8.9%
- 1996बच्चा पाठक (INC), जीत का अंतर 0.7%