देवरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
रविन्द्र प्रताप मल्ल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 32.7% वोट पाकर देवरिया सीट जीती और सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव (JD) को 5,392 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 203 सेवरही थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 203 मुहम्मदाबाद-गोहना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रविन्द्र प्रताप मल्ल 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र प्रताप मल्ल | 41,31432.7% | |
| 2 | सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव जनता दल | जनता दल | 35,92228.4% |
| 3 | दिना नाथ कुशवाहा | 29,10723.0% | |
| 4 | महेन्द्र यादव | 14,60411.6% | |
| 5 | कौशल कुमार मिश्रा JP | JP | 1,5251.2% |
| 6 | कैलाशी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 6430.5% |
| 7 | राम केवल | 4960.4% | |
| 8 | विनय कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.3% |
| 9 | दिनेश चन्द्र तिरपति निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.3% |
| 10 | प्रतिमा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.3% |
| 11 | रामानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.3% |
| 12 | राघवेन्द्र प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.3% |
| 13 | रईस निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.3% |
| 14 | लालजी प्रसाद कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 15 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 16 | रामानंद गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.1% |
| 17 | इन्द्र देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवरिया से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.3% से बढ़कर 32.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 47.3% से बढ़कर 52.0% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974कृष्ण राय (BKD), जीत का अंतर 25.1%
- 1977कृष्ण राय (JNP), जीत का अंतर 12.8%
- 1980रूद्र प्रताप (JNP(SC)), जीत का अंतर 1.9%
- 1985फजले मसूद (INC), जीत का अंतर 21.7%
- 1989राम छबीला (JD), जीत का अंतर 19.9%
- 1991रविन्द्र प्रताप (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 1993रविन्द्र प्रताप मल्ल (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1996सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव (JD), जीत का अंतर 12.4%