सेवरहीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
गेंदा सिंह (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर सेवरही सीट जीती और कृपा शंकर (BKD) को 906 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 203 तिलपुर थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 203 देवरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सेवरही का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 906 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गेंदा सिंह | 21,13645.0% | |
| 2 | कृपा शंकर | 20,23043.0% | |
| 3 | पतंजलि Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 3,2867.0% |
| 4 | राम सुभग | 1,1912.5% | |
| 5 | इंद्रासन सिंह | 6041.3% | |
| 6 | सिरिकृष्ण वाम दल | वाम दल | 5511.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BKD और BJS को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सेवरही से कौन जीता, 1967–1969
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.4% से घटकर 45.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 53.6% से घटकर 47.5% रह गया।
- 1967जी. सिंह (INC), जीत का अंतर 20.6%
- 1969गेंदा सिंह (INC), जीत का अंतर 1.9%