नागलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
चमन लाल चमन (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 45.2% वोट पाकर नागल सीट जीती और रामस्वरूप निम (LKD) को 4,146 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 415 सरसावा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 415 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चमन लाल चमन | 26,36645.2% | |
| 2 | रामस्वरूप निम Lok Dal | Lok Dal | 22,22038.1% |
| 3 | मेहर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,7208.1% |
| 4 | ताराचंद ICJ | ICJ | 2,1123.6% |
| 5 | राज सिंह | 1,5992.7% | |
| 6 | भगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6751.2% |
| 7 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.4% |
| 8 | मूल चन्द | 2440.4% | |
| 9 | लिखी निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नागल से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 46.1% से घटकर 41.3% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।