नागलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
माम चन्द (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर नागल सीट जीती और रमेश (JD) को 3,518 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 415 सरसावा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 415 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। माम चन्द 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माम चन्द | 37,62440.3% | |
| 2 | रमेश जनता दल | जनता दल | 34,10636.5% |
| 3 | राम स्वरूप निम | 11,42512.2% | |
| 4 | इसम सिंह | 3,7324.0% | |
| 5 | हरफूल सिंह JP | JP | 3,3513.6% |
| 6 | प्रीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1401.2% |
| 7 | फूल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.5% |
| 8 | सेवा राम गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 4630.5% |
| 9 | काली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 10 | अटल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 11 | राधेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 12 | भीम सैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नागल से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.4% से बढ़कर 54.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।