चायलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शैलेंद्र कुमार (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 56.7% वोट पाकर चायल सीट जीती और भगेरथी (LKD) को 11,381 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 278 सोरांव थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 278 घाटमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शैलेंद्र कुमार 20.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शैलेंद्र कुमार | 31,74656.7% | |
| 2 | भगेरथी Lok Dal | Lok Dal | 20,36536.4% |
| 3 | राम सजावें निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0431.9% |
| 4 | राम मनोहर | 6831.2% | |
| 5 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5361.0% |
| 6 | बोधि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4920.9% |
| 7 | समाई लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4520.8% |
| 8 | अनु लाल सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.6% |
| 9 | शोभ नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और LKD को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चायल से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 30.1% से बढ़कर 36.6% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974कन्यैया लाल सोनकर (INC), जीत का अंतर 10.8%
- 1977कन्हैया लाल सोनकर (JNP), जीत का अंतर 5.3%
- 1980विजय प्रकाश (INC(I)), जीत का अंतर 6.1%
- 1985शैलेंद्र कुमार (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1989शैलेंद्र कुमार (INC), जीत का अंतर 16.2%
- 1991दिनेश चन्द्र सोनकर (JD), जीत का अंतर 2.9%
- 1993शिव दाणी (BJP), जीत का अंतर 12.2%
- 1996विजय प्रकाश (INC), जीत का अंतर 4.9%