चायलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
दिनेश चन्द्र सोनकर (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर चायल सीट जीती और शिवदानी (BJP) को 1,840 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 278 सोरांव थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 278 घाटमपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दिनेश चन्द्र सोनकर 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिनेश चन्द्र सोनकर जनता दल | जनता दल | 19,24330.1% |
| 2 | शिवदानी | 17,40327.2% | |
| 3 | शैलेन्द्र कुमार | 13,16720.6% | |
| 4 | गिरेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0366.3% |
| 5 | जगदीश प्रसाद JP | JP | 3,7835.9% |
| 6 | मन्नी लाल विशारद | 3,0514.8% | |
| 7 | प्रेम सिंह पहाड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4942.3% |
| 8 | पृथ्वी लाल आर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 4690.7% |
| 9 | शिव पाल | 4250.7% | |
| 10 | शिव राज भारतीय निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.5% |
| 11 | मिश्री लाल साथी निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.3% |
| 12 | सुरेश कुमार बिदर्थी निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.3% |
| 13 | जग मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 14 | बाल गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चायल से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 37.8% से घटकर 35.4% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974कन्यैया लाल सोनकर (INC), जीत का अंतर 10.8%
- 1977कन्हैया लाल सोनकर (JNP), जीत का अंतर 5.3%
- 1980विजय प्रकाश (INC(I)), जीत का अंतर 6.1%
- 1985शैलेंद्र कुमार (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1989शैलेंद्र कुमार (INC), जीत का अंतर 16.2%
- 1991दिनेश चन्द्र सोनकर (JD), जीत का अंतर 2.9%
- 1993शिव दाणी (BJP), जीत का अंतर 12.2%
- 1996विजय प्रकाश (INC), जीत का अंतर 4.9%