कुण्डाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नियाज़ हसन (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 64.4% वोट पाकर कुण्डा सीट जीती और राम दास पाल (LKD) को 32,753 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 114 रोखा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 114 अकबरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नियाज़ हसन 41.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नियाज़ हसन | 50,35164.4% | |
| 2 | राम दास पाल लोक दल | लोक दल | 17,59822.5% |
| 3 | ओम प्रकाश मिश्रा जनता | जनता | 3,3064.2% |
| 4 | अमर नाथ पुत्र शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0092.6% |
| 5 | राम नारायण वाम दल | वाम दल | 1,7672.3% |
| 6 | बलदेव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2541.6% |
| 7 | अमर नाथ पुत्र राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 6270.8% |
| 8 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4680.6% |
| 9 | राम बहादुर | 4620.6% | |
| 10 | मुकुट बिहारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.3% |
| 11 | रज्जन निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और LKD को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुण्डा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 48.4% से बढ़कर 54.9% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974नियाज हुसन खान (NCO), जीत का अंतर 17.2%
- 1977शशि प्रभा (JNP), जीत का अंतर 15.4%
- 1980नियाज़ हसन खान (INC(I)), जीत का अंतर 16.8%
- 1985नियाज़ हसन (INC), जीत का अंतर 41.9%
- 1989नियाज़ हसन (INC), जीत का अंतर 14.7%
- 1991शिव नारायण मिश्रा (BJP), जीत का अंतर 2.6%
- 1993कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया (IND), जीत का अंतर 52.3%
- 1996कुंवर रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया (IND), जीत का अंतर 65.4%