कुण्डाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
शिव नारायण मिश्रा (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.1% वोट पाकर कुण्डा सीट जीती और नियाज़ हसन (INC) को 1,865 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 114 रोखा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 114 अकबरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शिव नारायण मिश्रा 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव नारायण मिश्रा | 21,19729.1% | |
| 2 | नियाज़ हसन | 19,33226.5% | |
| 3 | जय राम यादव जनता दल | जनता दल | 18,14324.9% |
| 4 | राजेन्द्र प्रसाद JP | JP | 6,3428.7% |
| 5 | मोहम्मद ईशा | 2,6883.7% | |
| 6 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0281.4% |
| 7 | राम गुलाम पटेल IPF | IPF | 7081.0% |
| 8 | चन्द्र पाल मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 6460.9% |
| 9 | राम अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 5580.8% |
| 10 | जहीर निर्दलीय | निर्दलीय | 4720.7% |
| 11 | अमर नाथ यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.5% |
| 12 | सिद्ध नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.4% |
| 13 | हरि लाल | 2830.4% | |
| 14 | राल लाल पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 15 | केदल नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 16 | बद्री प्रसाद विश्वकर्मा SSD | SSD | 2000.3% |
| 17 | ओम प्रकाश तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 18 | मनोज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुण्डा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.6% से घटकर 41.0% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974नियाज हुसन खान (NCO), जीत का अंतर 17.2%
- 1977शशि प्रभा (JNP), जीत का अंतर 15.4%
- 1980नियाज़ हसन खान (INC(I)), जीत का अंतर 16.8%
- 1985नियाज़ हसन (INC), जीत का अंतर 41.9%
- 1989नियाज़ हसन (INC), जीत का अंतर 14.7%
- 1991शिव नारायण मिश्रा (BJP), जीत का अंतर 2.6%
- 1993कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया (IND), जीत का अंतर 52.3%
- 1996कुंवर रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया (IND), जीत का अंतर 65.4%