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त्रिपुरा · विधान सभा सीट नंबर 18ST आरक्षित

चारिलामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003

नारायण रूपिणी (CPM) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर चारिलाम सीट जीती और नरेन्द्र देबबर्मा (INPT) को 56 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 बिशालगढ़ थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 18 सूर्यमणिनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

नारायण रूपिणी
CPM· वाम मोर्चा
CPM 48.1%INPT 47.8%4 अन्य 4.1%
मिले वोट
10,573
मतों का 48.1%
जीत का अंतर
56
कुल वोटों का 0.3%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
74.0%
29,727 मतदाताओं में से

चारिलाम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 56 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
नारायण रूपिणी
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
10,57348.1%
2
नरेन्द्र देबबर्मा
INPT
INPT
10,51747.8%
3
स्वपन देबबर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
2851.3%
4
बिशु कुमार देबबर्मा
2701.2%
5
जिष्णु देबबर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
2441.1%
6
गुरुदास देबबर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
1070.5%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
0.3%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
74%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
असल में दो दल

CPM और INPT को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
60 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 31

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
48.1%CPM की जीत
CPM 48.1%INPT 47.8%अन्य 4.1%

यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

चारिलाम से कौन जीता, 1977–2008

CPM ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.6% से घटकर 48.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 77.0% से घटकर 74.0% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977हरि नाथ देबबर्मा (TUS), जीत का अंतर 8.0%
  2. 1983परिमल चन्द्र साहा (INC), जीत का अंतर 7.6%
  3. 1988मोतीलाल साहा (INC), जीत का अंतर 4.8%
  4. 1993अशोक देब वर्मा (INC), जीत का अंतर 3.0%
  5. 1998नारायण रूपिणी (CPM), जीत का अंतर 4.6%
  6. 2003नारायण रूपिणी (CPM), जीत का अंतर 0.3%
  7. 2008नारायण रूपिणी (CPM), जीत का अंतर 1.7%