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त्रिपुरा · विधान सभा सीट नंबर 18ST आरक्षित

चारिलामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993

अशोक देब वर्मा (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर चारिलाम सीट जीती और अघोर देब वर्मा (CPI) को 664 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 बिशालगढ़ थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 18 सूर्यमणिनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

अशोक देब वर्मा
INC 47.1%CPI 44.0%6 अन्य 8.9%
मिले वोट
10,292
मतों का 47.1%
जीत का अंतर
664
कुल वोटों का 3.0%
उम्मीदवार
8
मतदान प्रतिशत
75.8%
28,844 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। अशोक देब वर्मा 3.0% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

8 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
अशोक देब वर्मा
10,29247.1%
2
अघोर देब वर्मा
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
9,62844.0%
3
बिनय देब वर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
1,1145.1%
4
रेबती देब वर्मा
3661.7%
5
बिजय देब वर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
2421.1%
6
हरिचरण देब वर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
1510.7%
7
शशि कु. देब वर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
430.2%
8
सुकेश देब वर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
190.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
3.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
76%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, CPI और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
60 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 31

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
47.1%INC की जीत
INC 47.1%CPI 44.0%निर्दलीय 5.1%अन्य 3.8%

यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

चारिलाम से कौन जीता, 1977–2008

INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.5% से घटकर 47.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1988 के 82.5% से घटकर 75.8% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।

  1. 1977हरि नाथ देबबर्मा (TUS), जीत का अंतर 8.0%
  2. 1983परिमल चन्द्र साहा (INC), जीत का अंतर 7.6%
  3. 1988मोतीलाल साहा (INC), जीत का अंतर 4.8%
  4. 1993अशोक देब वर्मा (INC), जीत का अंतर 3.0%
  5. 1998नारायण रूपिणी (CPM), जीत का अंतर 4.6%
  6. 2003नारायण रूपिणी (CPM), जीत का अंतर 0.3%
  7. 2008नारायण रूपिणी (CPM), जीत का अंतर 1.7%