चारिलामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
हरि नाथ देबबर्मा (TUS) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर चारिलाम सीट जीती और दुर्गा प्रसाद सिकदार (CPM) को 1,028 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 बिशालगढ़ थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 18 सूर्यमणिनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि नाथ देबबर्मा TUS | TUS | 4,25933.2% |
| 2 | दुर्गा प्रसाद सिकदार वाम दल | वाम दल | 3,23125.2% |
| 3 | स्वपन कुमार दत्त | 1,80214.1% | |
| 4 | प्रवेश चन्द्र साहा जनता | जनता | 1,62512.7% |
| 5 | कैप्टन चटर्जी TCD | TCD | 1,2029.4% |
| 6 | मोहन चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3883.0% |
| 7 | कुमुद रंजन कुंडू चौधुरी वाम दल | वाम दल | 2121.6% |
| 8 | रेबती देबबर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चारिलाम से कौन जीता, 1977–2008
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।