फरीदकोटविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1982
जे. कौर (डब्ल्यू.) (SAD) ने 1982 के विधान सभा उपचुनाव में 51.7% वोट पाकर फरीदकोट सीट जीती और टी.एस. रियास्ती (INC) को 5,997 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 104 का नाम फरीदकोट था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 104 महल कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जे. कौर (डब्ल्यू.) | 34,99651.7% | |
| 2 | टी.एस. रियास्ती | 28,99942.8% | |
| 3 | एस. सिंह | 2,2183.3% | |
| 4 | बी.एस. धनेवालिया निर्दलीय | निर्दलीय | 9001.3% |
| 5 | डी.पी. चारु निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.4% |
| 6 | जे.के. रानी (डब्ल्यू.) निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.3% |
| 7 | आर. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 8 | एस. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 9 | आर.एस. परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 120.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।