कोटकपूराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
भगवान दास (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 52.7% वोट पाकर कोटकपूरा सीट जीती और मोहिंदर सिंह (निर्दलीय) को 11,611 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 103 का नाम कोटकपूरा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 103 बरनाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भगवान दास 19.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवान दास | 31,18652.7% | |
| 2 | मोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 19,57533.1% |
| 3 | मनमोहन सिंह बरार | 6,92911.7% | |
| 4 | माखन सिंह सरावन निर्दलीय | निर्दलीय | 7231.2% |
| 5 | भान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.5% |
| 6 | प्रीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.3% |
| 7 | नाथा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
| 8 | गुरदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 9 | अजमेर सिंह बरार निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), एक निर्दलीय और SAD को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोटकपूरा से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 60.8% से बढ़कर 65.4% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।